Home हिंदू धर्म Hindu Dharm me god (s)। हिंदू मजहब में भगवान ?

Hindu Dharm me god (s)। हिंदू मजहब में भगवान ?


 आमतौर पर यह माना जाता है कि हिंदू मजहब बहुत सारे Gods को मानते हैं। कुछ ऐसे ही हालात अरब के लोगों का था मोहम्मद साहब के आने से पहले वह भी बहुत सारे खुदाओं को मानते थे ।
अगर हम अपने हिंदू भाइयों से पूछते हैं कि आपके कितने भगवान हैं तो कुछ लोग बोलेंगे तीन भगवान कुछ बोलेंगे 1000 भगवान कुछ बोलेंगे  लाखों भगवान और कुछ लोग बोलेंगे 33 करोड़ भगवान है।
हालांकि अगर हम किसी ऐसे शख्स से पूछे जिसने हिंदू धर्म की धार्मिक किताबों  को पढ़ा है तो वह कहेगा कि हमें सिर्फ एक भगवान या एक खुदा को मानना चाहिए । जिसकी कोई प्रतिमा या फोटो नहीं है
यही वजह थी कि स्वामी विवेकानंद कहते थे कि सिर्फ एक भगवान एक खुदा की पूजा होनी चाहिए और उस भगवान या खुदा की कोई भी प्रतिमा कोई भी फोटो नहीं है।
हिंदू और मुसलमान में एक एक बहुत बड़ा फर्क यह है कि हिंदू धर्म के लोग कहते हैं कि सब कुछ भगवान है जैसे सांप भी भगवान है पेड़ भी भगवान है कुछ जानवर जैसे कि गाय बंदर भगवान है या भगवान के रूप है।
इसी तरह और भी बहुत कुछ जबकि
मुसलमान लोगों का मानना है कि सब कुछ भगवान या खुदा का है पेड़ भी खुदा का है जानवर भी खुदा का है या खुदा का बनाया हुआ है इंसान भी खुदा का है और कायनात (   ) की सारी चीजें खुदा की है या‌ दूसरों लफ़्ज़ों में ,  खुदा की बनाई हुई है
दोनों मजहबों के मानने वालों के बीच सिर्फ फर्क ” का ” का है एक धर्म के मानने वाले कहते हैं सब कुछ खुदा है या भगवान का रूप है जबकि दूसरे धर्म के मानने वाले कहते हैं सब कुछ भगवान का है अगर हम इस  “का ” के फर्क को दूर कर दे तो हिंदू और मुस्लिम काफी हद तक एक हो जाएंगे।

Concept of God according to Hindu Scriptures

तो आइए हम और आप जानते हैं कि हिंदू मजहब की धार्मिक किताबें भगवान या खुदा के बारे में क्या कहती हैं ।
क्योंकि सही चीजों का पता हमें सिर्फ किताबों से हो सकता है।

Bhagavad Gita

भगवत गीता हिंदू धर्म में सबसे ज्यादा मशहूर धार्मिक किताब है
भगवत गीता में लिखा है कि 👇
“Those whose intelligence has been stolen by material desires surrender unto demigods and follow the particular rules and regulations of worship according to their own natures.”
जो लोग दुनिया की चीजों के ख्वाहिशमंद है वह लोग गलत खुदाओं या भगवानों की इबादत या पूजा करते हैं और इबादत करने या पूजा करने का तरीका अपने आप से बना लिया और उसी पर अमल करते हैं
[Bhagavad Gita 7:20]

भगवत गीता साफ लफ्जो में कह रही है कि जो लोग दुनिया की चीजों  की ख्वाहिशमंद है और सिर्फ उसी चीजों को पाना चाहते हैं वह लोग अपने बनाए हुए तरीकों से गलत ख़ुदाओं की या गलत भगवान की पूजा या इबादत करते हैं।

Upanishads

हिंदू धर्म के अनुसार उपनिषद दूसरी सबसे पवित्र किताब मानी जाती है।
वैसे तो उपनिषद में बहुत सारे श्लोक  मौजूद हैं जो यह बताते हैं कि भगवान या खुदा सिर्फ एक है उसके अलावा कोई दूसरा नहीं है। उपनिषद के कुछ श्लोक 👇
Ekam evadvitiyam”
“He is One only without a second.”
वह (भगवान या खुदा) सिर्फ एक है कोई दूसरा नहीं है
 
[Chandogya Upanishad 6:2:1]
 

“Na casya kascij janita na cadhipah.”
“Of Him there are neither parents nor lord.”
उसका कोई पालने वाला या (मां-बाप ) नहीं है
[Svetasvatara Upanishad 6:9]

“Na tasya pratima asti”
“There is no likeness of Him.”
उसकी जैसा कोई नहीं है
[SvetasvataraUpanishad 4:19]

  उपनिषद से कुछ श्लोक और पढ़ते हैं जो यह बताते हैं कि भगवान या खुदा की कोई प्रतिमा (photo or pictures or images ) नहीं है एक इंसान कभी भी भगवान की रूपरेखा  का ख्याल नहीं कर सकता क्योंकि उसने कभी भगवान को देखा ही नहीं।

“Na samdrse tisthati rupam asya, na caksusa pasyati kas canainam.”

 
“His form is not to be seen; no one sees Him with the eye.”
 
 
उसको (यानी भगवान या खुदा को) देखा नहीं जा सकता इस आंख से कोई भी उसे नहीं देख सकता
 
[Svetasvatara Upanishad 4:20]
👇

इस श्लोक से हमें साफ तौर पर मालूम होता है कि इस जिंदगी में हम अपनी इस शरीर की आंखों से भगवान या खुदा को नहीं देख सकते जब हम उसको देख ही नहीं सकते कभी किसी ने उसको देखा ही नहीं तो उसका प्रतिमा (photo or pictures or images )  कैसे बन सकता है ।
नोट – फिर भी लोग भगवान की मूर्तियां प्रतिमा (photo or pictures or images )  बनाकर लोगों को बेचते हैं उस का कारोबार करते हैं और भगवान या खुदा के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाते हैं

 The Vedas

हिंदू मजहब की सभी धार्मिक किताबों में सबसे ज्यादा पवित्र किताब वेदास को माना जाता है वेदास 4 तरीके की है
  1.  Rigveda,
  2. Yajurveda,
  3. Samveda‌and
  4. Atharvaveda.
आइए हम कुछ लोग यजुर्वेद से पढ़ते हैं और देखते हैं कि खुदा या भगवान के बारे में यजुर्वेद हमें क्या बताती है।

Yajurveda 👇

“na tasya pratima asti
“There is no image of Him.”
उसकी (यानी भगवान या खुदा की) कोई प्रतिमा (photo or pictures or images )    नहीं है।
[Yajurveda 32:3]

shudhama poapvidham”
“He is bodyless and pure.” 
वह बिना शरीर के और पाक या पवित्र है
[Yajurveda 40:8]

“Andhatama pravishanti ye asambhuti mupaste”
“They enter darkness, those who worship the natural elements” (Air, Water, Fire, etc.). “They sink deeper in darkness, those who worship sambhuti.”
वह लोग जो कुदरती चीजों की  [ natural elements” (Air, Water, Fire, etc.)]  इबादत करते हैं अंधकार में है
और वह लोग जो इंसानों के द्वारा बनाई हुई चीजों की इबादत या पूजा करते हैं वह लोग घोर अंधकार में है
[Yajurveda 40:9]
Sambhuti  means created things, for example table, chair, idol, etc.

Atharvaveda

The Atharvaveda praises God in Book 20, hymn 58 and verse 3:

Dev maha osi”
“God is verily great”
(भगवान या खुदा ) सचमुच बहुत महान है 
[Atharvaveda 20:58:3]
यहां पर भगवान या खुदा एक वचन singular में प्रयोग हुआ है इसका मतलब है भगवान या खुदा सिर्फ एक है

Rigveda

वेदों में सबसे सबसे पुरानी वेद ऋग्वेद है और यह बहुत पवित्र धार्मिक किताब मानी जाती है।
 The Rigveda states in Book 1, hymn 164 and verse 46:
“Sages (learned Priests) call one God by many names.”
 
ऋषि मुनि या पढ़े-लिखे लोग उस एक भगवान को या खुदा को कई नामों से पुकारते हैं
[Rigveda 1:164:46]
ऋग्वेद में खुदा या भगवान के कई सारे नामों को बताया गया है जिसमें से ऋग्वेद किताब नंबर दो हिम नंबर 1 में कई नाम है।
Rigveda Book 2 hymn 1.

Rigveda Book II hymn 1 verse 3,  में है  कि
उसके बहुत सारे नामों में से एक नाम ब्रह्मा है जिसका मतलब बनाने वाला ।
English में इसका मतलब  “The Creator”
और अरबी में इसका मतलब खालिक Khaaliq है।
और यह कुरान में अल्लाह ने अपने नाम के लिए बोला है।

मगर कुछ हिंदू भाई ब्रह्मा की एक फोटो बनाते हैं जिसमें किसी शख्स की फोटो बनाते हैं उसका 4 सिर होता है।
जब भगवान या खुदा को किसी ने देखा ही नहीं तो यह कितनी गलत बात है कि उसकी प्रतिमा या फोटो बना दिया और वह भी 4 सिर वाला।
और यह बात यजुर्वेद के भी खिलाफ है जिसमें साफ तौर पर लिखा है।

Yajurveda 👇

Na tasya Pratima asti”
“There is no image of Him.”
 
उस भगवान या खुदा कि कोई प्रतिमा photo or pictures or images   नहीं है
[Yajurveda 32:3]

उसके बहुत सारे नामों में एक बहुत प्यारा नाम ऋग्वेद में दिया हुआ है विष्णु
 Rigveda Book II hymn 1 verse 3 is Vishnu 👇
 Vishnu means ‘The Sustainer’.
अरबी में इसका मतलब रब Rabb होता है

जो कि मुसलमान में अल्लाह के लिए ” रब ” शब्द का इस्तेमाल करते हैं।
यानी हमारा पालने वाला।

मगर कुछ हमारे कुछ हिंदू भाई एक प्रतिमा या फोटो बनाते हैं किसी इंसान की और उसके चार हाथ बना देते हैं जिसमें एक हाथ में चक्र होता है। और कहते हैं कि यह विष्णु है जो कि समुद्र में सांप पर लेटे हुए हैं।
भला,  भगवान को चार हाथों की क्या जरूरत और जब किसी ने भगवान को देखा ही नहीं तो उसने कैसे फोटो बना दिया।
और यह बात उपनिषद के भी खिलाफ है जिसमें लिखा है कि उस भगवान के जैसा कोई नहीं
Svetasvatara Upanishad Chapter 4 verse 19.👇
“Na tasya pratima asti”
“There is no likeness of Him”
उसके जैसा कोई नहीं।

Ma cid anyad vi sansata sakhayo ma rishanyata”
“O friends, do not worship anybody but Him, the Divine One. Praise Him alone.”
 
ऐ दोस्त  उस खुदा या भगवान के अलावा किसी और की इबादत या पूजा मत करो और सिर्फ उसी की तारीफ करो 
[Rigveda 8:1:1]

Devasya samituk parishtutih”
“Verily, great is the glory of the Divine Creator.”
 
बेशक सारी तारीफ उस एक बनाने वाले की है।
[Rigveda 5:1:81]

Brahma Sutra of Hinduism

The Brahma Sutra of Hinduism is:

Ekam Brahm, dvitiya naste neh na naste kinchan”

“There is only one God, not the second; not at all, not at all, not in the least bit.”
भगवान या खुदा सिर्फ एक है उसके अलावा कोई दूसरा नहीं है नहीं है नहीं है जरा सा भी नहीं है।
 

 


 

 

Conclusion 👇

अगर हम हिंदू मजहब या धर्म की धार्मिक किताबें जैसे वेद पुराण को अच्छी तरीके से पढ़ें तो हमें पता चलेगा कि यह सारी किताबें भी हमें यही सिखाती हैं कि भगवान या खुदा सिर्फ एक है उसके अलावा कोई दूसरा नहीं है उसकी कोई भी प्रतिमा।  नहीं है उस की प्रतिमा कोई नहीं बना सकता क्योंकि किसी ने उसको कभी देखा ही नहीं हम उसको अच्छे नामों से बुला सकते हैं मगर उसकी प्रतिमा नहीं बना सकते क्योंकि हमने उसको कभी नहीं देखा और बिना देखे अगर हम बनाते हैं तो जाहिर सी बात है कि हम गलत बनाएंगे और यह खुदा या भगवान के बारे में बहुत गलत बात है।

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